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तेरी सोहबत की ख्वाइश आज भी मुझे आजमाती हे तेरी बोली आज भी मेरे कानो में गूंज ती हे, और तेरे वो किबाट में कैद की हुई चुन्नी आज भी तेरे आगोश सी ही मेहेक्ति हे, हर बार करती हे ये यादें मेरी आजमाइश और तेरे पास सितारों के पार मुझे ले जाती हे, तेरी सोहबत को पाने थोड़ा वक्त लगे गा, तेरे अधूरे ख्वाबों को मुकमल करना बाकी है। एक फूल हे जिसकी फिज़ा आजाने के बाद भी मेहैक ता हे और हमे अपना एक बीते हुए दौर की याद दिलाता हे। _Poshiv_

मुरझाए हुए फूल की महक

free verse · 2023 · shared 3h ago · 4 comments · 16 likes
free verse · 3h ago
4 comments · 16 likes
_Poshiv_
_Poshiv_
poet · 1 work
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deepika877
aksar mera dupatta kinver(darwaze) mein fas jata hai....bahut acha likha apne
_Poshiv_
_Poshiv_ artist 2h
Shukriya dipika ji 👏🏻🖤
Nainika
Nainika 1h
मुरझाए हुए फूल की महक, भी कमला होती है कहना पड़ेगा। बहुत अच्छा लिखा है। ❤️👏👏
_Poshiv_
_Poshiv_ artist 1h
Shukriya 🖤.